नई दिल्ली। भारत की पहचान सिर्फ अपनी संस्कृति और आस्था से ही नहीं, बल्कि अपनी अद्भुत वास्तुकला से भी होती है। देश में मौजूद कई प्राचीन मंदिर ऐसे हैं, जो अपने निर्माण कौशल, तकनीक और रहस्यों के कारण आज भी दुनिया भर के विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि इन मंदिरों के निर्माण में न आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल हुआ था और न ही सीमेंट-प्लास्टर जैसी चीजों का। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 मंदिरों के बारे में।
1. कैलाश मंदिर, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के एलोरा में स्थित कैलाश मंदिर दुनिया की अनोखी रॉक-कट संरचनाओं में शामिल है। इसे किसी पत्थर को जोड़कर नहीं, बल्कि एक विशाल पहाड़ को ऊपर से नीचे की ओर काटकर बनाया गया। हजारों साल पहले इतनी सटीक नक्काशी और विशाल निर्माण करना आज भी इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण माना जाता है।
2. बृहदेश्वर मंदिर, तमिलनाडु
1000 साल से ज्यादा पुराने इस मंदिर की मजबूती आज भी लोगों को चौंकाती है। इसके निर्माण में सीमेंट या प्लास्टर का इस्तेमाल नहीं किया गया। पत्थरों को खास तकनीक से जोड़कर बनाया गया यह मंदिर अपनी विशाल संरचना और ऊंचे शिखर के लिए प्रसिद्ध है।
3. लेपाक्षी मंदिर, आंध्र प्रदेश
इस मंदिर का ‘हैंगिंग पिलर’ सबसे बड़ा आकर्षण है। यहां एक खंभा जमीन को पूरी तरह छुए बिना छत का भार संभालता नजर आता है। इसकी निर्माण तकनीक आज भी लोगों के लिए रहस्य बनी हुई है।
4. कोणार्क सूर्य मंदिर, ओडिशा
रथ के आकार में बना यह मंदिर अपनी कलाकारी के लिए मशहूर है। इसके विशाल पहियों को समय मापने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, जो प्राचीन भारत के वैज्ञानिक ज्ञान को दर्शाता है।
5. विट्ठल मंदिर, कर्नाटक
हम्पी का यह मंदिर अपने संगीत वाले पत्थर के खंभों के लिए प्रसिद्ध है। इन खंभों से निकलने वाली ध्वनि आज भी वास्तुकला और विज्ञान के जानकारों को आकर्षित करती है।





