दुर्ग। स्कूल जाने के लिए घर से निकले तीन नाबालिग बच्चों के अचानक लापता होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही छावनी पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की और करीब छह घंटे की लगातार मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को डोंगरगढ़ मंदिर के पास से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की त्वरित कार्रवाई अहम साबित हुई।पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे तीनों बच्चे स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। इनमें से एक बच्चा महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल, तीन दर्शन मंदिर में पढ़ता है। वह स्कूल पहुंचा, लेकिन कक्षा में जाने के बजाय अपने साथ पढ़ने वाले दो नाबालिग दोस्तों के साथ वहां से निकल गया।
जब बच्चे रात तक घर नहीं लौटे तो करीब 8 बजे परिजनों ने छावनी थाने में सूचना दी। पुलिस ने मामले में धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर तत्काल जांच और तलाश शुरू कर दी।पुलिस टीम ने सबसे पहले स्कूल परिसर और बच्चों के संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद पावर हाउस रेलवे स्टेशन के करीब 20 कैमरों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से जांचा गया। साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों से पूछताछ के दौरान बच्चों के डोंगरगढ़ जाने की संभावना सामने आई।
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जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तत्काल डोंगरगढ़ रवाना हुई। वहां रेलवे स्टेशन की आरपीएफ और स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर बच्चों की तलाश तेज कर दी गई।लगातार पतासाजी के बाद पुलिस को रात करीब 2:30 बजे सफलता मिली। तीनों नाबालिग डोंगरगढ़ मंदिर के पास सकुशल मिल गए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने तीनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
इस पूरी कार्रवाई में छावनी पुलिस की त्वरित सक्रियता, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और डोंगरगढ़ पुलिस व आरपीएफ के साथ बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण साबित हुआ।दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों और उनके आने-जाने की जानकारी रखें। यदि बच्चा निर्धारित समय पर घर नहीं लौटता है, तो बिना देरी किए पुलिस को सूचना
