प्रदेश में ‘विकसित भारत जी रामजी योजना’ लागू, ग्रामीणों को मिलेंगे 125 दिन का रोजगार

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*गांवों में पुस्तकालय, पशु चिकित्सालय और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी निर्माण होगा*

रायपुर । ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने ‘विकसित भारत जीरामजी योजना’ 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और जल संरक्षण, आजीविका, पशुपालन व जलवायु से जुड़े 318 तरह के विकास कार्य कराए जाएंगे। गुरुवार को नवा रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा इस वर्ष जी-राम -जी योजना के तहत करीब 6855 करोड़ रुपये के काम होंगे। 15 अगस्त से 26 जनवरी तक ‘मेरी बेटी मेरा अभियान’ और ‘मोर गांव मोर पानी’ सहित तीन विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जीरामजी योजना छत्तीसगढ़ के गांवों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे रोजगार बढ़ेगा, बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

रोजगार के साथ स्थायी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं है। यह गांवों की आजीविका बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने का अभियान है। योजना के तहत कुल 318 तरह के काम होंगे। 107 तरह के जल संरक्षण कार्य ,90 तरह के ग्रामीण विकास कार्य ,86 तरह के आजीविका बढ़ाने वाले कार्य , 35 तरह के जलवायु से जुड़े कार्य होंगे। गांवों में पुस्तकालय, पशु चिकित्सालय और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी निर्माण होगा। पशुपालन के लिए अधोसंरचना विकसित कर ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

मजदूरी में बढ़ोतरी और समय पर भुगतान
मनरेगा के अंतर्गत पहले 261 रुपये मजदूरी दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। साथ ही मजदूरी का भुगतान कार्य दिवस के 15 दिन के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

15 अगस्त से तीन विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त से 26 जनवरी तक तीन अभियान चलेंगे:1 ‘मेरी बेटी मेरा अभियान’: प्रदेश के 6671 स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। 2. *’मोर गांव मोर पानी’: 10,027 सूखे नलकूपों को रिचार्ज करने के लिए रिचार्ज वेल बनाए जाएंगे।
3. तीसरा अभियान ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार से जुड़ा होगा।

6524 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनेंगे
योजना के तहत प्रदेश में 6524 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। इस पर 391 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन और जल संरक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में बाढ़, आग और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए भी काम किए जाएंगे। जल संरक्षण और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग योजनाएं लागू होंगी।