मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में हंगामा, विपक्ष ने किया सांकेतिक वॉकआउट; कुछ देर बाद लौटे सांसद

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने कुछ देर के लिए विरोध जताया। बैठक शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद विपक्षी सांसद बाहर निकल गए, हालांकि इसे सांकेतिक वॉकआउट बताया गया और बाद में वे दोबारा बैठक में शामिल हो गए। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), डीएमके समेत 10 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। विपक्षी सांसदों की नाराजगी TMC के कथित बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में आमंत्रित किए जाने को लेकर थी।

विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से इस गुट को अभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी गई है, तो फिर उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण क्यों दिया गया। इसी मुद्दे पर विपक्षी दलों ने बैठक से बाहर जाने का फैसला किया। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, सपा, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री की ओर से 20 बागी सांसदों को बुलाए जाने का आधार स्पष्ट नहीं है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद सभी की है और हंगामे से किसी को फायदा नहीं होता।

गौरतलब है कि हर संसद सत्र से पहले सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाती है, जिसमें सत्र के कामकाज, विधायी एजेंडे और विपक्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाती है। इस बार मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। इससे पहले TMC से अलग हुए 20 सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की अनुमति मिलने को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया था। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए 6 सांसदों को भी शिंदे गुट के साथ बैठने की मंजूरी दी गई है।