बेमौसम बारिश ने बिगाड़ा ‘हरा सोना’ का संतुलन: भीगे तेंदूपत्ता बंडलों में लगा दीमक, लाखों के नुकसान का खतरा

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कांकेर। जिले में तेंदूपत्ता सीजन के बीच मौसम की मार ने वन समितियों और संग्रहकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। बस्तर में “हरा सोना” कहलाने वाले तेंदूपत्ता की खरीदी तो जारी है, लेकिन लगातार हो रही बेमौसम बारिश और आंधी ने हजारों गड्डियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। भीग चुके तेंदूपत्ता बंडलों में अब दीमक लगने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे पत्तों की गुणवत्ता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पिछले कुछ दिनों से जिले में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। दिन में तेज गर्मी और शाम होते ही बारिश, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन रही है।

इसका सीधा असर तेंदूपत्ता तोड़ाई, सुखाने और संग्रहण प्रक्रिया पर पड़ रहा है। खुले संग्रहण केंद्रों में रखे बंडल बारिश से भीग रहे हैं, जबकि तेज हवा के कारण कई गड्डियां बिखर और फट भी रही हैं। केंद्र में करीब 120 हितग्राही पंजीकृत हैं और अब तक लगभग 60 हजार गड्डियों की खरीदी हो चुकी है। बारिश के चलते अधिकांश बंडलों में नमी बढ़ गई है, जिससे दीमक तेजी से फैल रही है। स्थानीय संग्रहकर्ताओं का कहना है कि, यदि जल्द सुरक्षित भंडारण और बचाव के इंतजाम नहीं किए गए, तो शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।