रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे तिल्दा नेवरा इलाके में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने ओडिसा से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी 28 जनवरी को पकड़ी गई महिला आरोपी मधु मिश्रा के साथ मिलकर गांजा और प्रतिबंधित टैबलेट (नाइट्रोसन) की सप्लाई कर रहे थे। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
इससे पहले पुलिस ने छापेमारी के दौरान मधु मिश्रा को गिरफ्तार किया था, जिसके पास से 73 किलोग्राम गांजा, प्रतिबंधित दवाएं, 1.87 लाख रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, एक टैबलेट और तीन बटनदार चाकू बरामद किए गए थे। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 41.75 लाख रुपये आंकी गई थी। फरार आरोपियों की पहचान प्रशांत कुमार नाइक शफीकुर रहमान (कालाहांडी, ओडिशा) और (नुआपाड़ा, ओडिशा) के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से पुलिस से बचते हुए फरार थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि, यह पूरा नेटवर्क नशीली दवाओं और गांजा की सप्लाई से जुड़ा हुआ था, जो कई जिलों तक फैला हुआ है। मामले में पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक भी पहुंचा जा सके। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
