समय पर पहचान और सही जानकारी है सबसे बड़ा बचाव: डॉ. आकांक्षा चिखलीकर

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रायपुर। स्तन कैंसर जागरूकता माह 2026 का विषय “हर कहानी अलग है, हर सफर महत्वपूर्ण है” रखा गया है। एमएमआई नारायण हॉस्पिटल रायपुर की कंसल्टेंट ब्रेस्ट ऑनकोप्लास्टिक सर्जन एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. आकांक्षा चिखलीकर ने कहा कि स्तन कैंसर केवल बीमारी नहीं, बल्कि महिला के शारीरिक, मानसिक और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करने वाली व्यक्तिगत यात्रा है, इसलिए जागरूकता और जल्दी पहचान बेहद जरूरी है।

डॉ. चिखलीकर ने बताया कि स्तन कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है और भारत में भी बड़ी संख्या में महिलाएं इससे प्रभावित हैं। चिकित्सा में प्रगति के बावजूद जागरूकता की कमी, डर, सामाजिक झिझक और समय पर डॉक्टर के पास न जाने से कई महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को अपने स्तनों के सामान्य जानकारी होनी चाहिए। यदि स्तन में नई गाँठ, आकार में बदलाव, त्वचा पर गड्ढे, असामान्य तरल निकलना या लगातार बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

हर गाँठ कैंसर नहीं होती और केवल दर्द होना आमतौर पर कैंसर का संकेत नहीं, फिर भी किसी भी बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जांच, स्कैन और जरूरत पर बायोप्सी से सही निदान संभव है। स्क्रीनिंग उम्र, पारिवारिक इतिहास और जोखिम पर निर्भर करती है। डॉ. चिखलीकर ने कहा कि परिवार, डॉक्टर, समाज और सरकार को मिलकर झिझक और गलत धारणाओं को दूर करना होगा। जागरूकता केवल एक महीने तक सीमित न रहे, पूरे साल चर्चा होनी चाहिए ताकि हर महिला को सही जानकारी, समय पर इलाज, सम्मान और भावनात्मक सहयोग मिल सके।