समाज में डॉक्टर और चार्टर्ड अकाउंटेंट दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण : राज्यपाल डेका

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में समाज के युवा डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक भवन की ओर से महाराष्ट्र मंडल को प्रदत्त एंबुलेंस का लोकार्पण भी किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टर और चार्टर्ड अकाउंटेंट दोनों ही समाज के विकास और प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। डॉक्टर मानव जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े होते हैं, जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा एक नोबल व्यवसाय है, जो केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च दायित्व है। मरीज डॉक्टर को भगवान का स्वरूप मानता है, इसलिए चिकित्सकों की जिम्मेदारी अत्यंत गंभीर है। कठिन परिश्रम और अपने अभिभावकों के सहयोग से डॉक्टर बनने वाले युवाओं को सेवा भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की जिम्मेदारी केवल अस्पताल तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह 24 घंटे समाज की सेवा के लिए तत्पर रहता है।

राज्यपाल ने चिकित्सकों से कहा कि आधुनिक जांच रिपोर्टों के आधार पर उपचार आवश्यक है, लेकिन मरीज का प्रत्यक्ष परीक्षण और उससे आत्मीय संवाद भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इससे मरीज को मानसिक संतोष मिलता है और चिकित्सक के प्रति उसका विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों के प्रति संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में आज जो अभूतपूर्व प्रगति हुई है, उसका श्रेय मानव की बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और निरंतर नवाचार को जाता है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका पर राज्यपाल ने कहा कि आज उनके कार्य का दायरा काफी व्यापक हो गया है। वे केवल लेखा-जोखा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यवसायियों के मार्गदर्शक और मेंटर की भूमिका भी निभाते हैं। व्यवसाय का विस्तार कैसे किया जाए, स्टार्टअप कैसे स्थापित किया जाए तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ कैसे प्राप्त किया जाए, इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि आज अनेक युवा पारिवारिक व्यवसाय को अपेक्षित महत्व नहीं देते और उसमें संभावनाएं कम देखते हैं, जबकि सही सोच, नवाचार और उचित मार्गदर्शन से पारिवारिक व्यवसाय को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।