राजगढ़ का रहस्यमयी जालपा माता मंदिर: जहां मुहूर्त नहीं, माता तय करती हैं विवाह का समय

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राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित जालपा माता मंदिर आस्था, रहस्य और परंपराओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर लगभग 1100 वर्ष पुराना माना जाता है और एक पहाड़ी पर स्थित है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि नवरात्रि के दौरान भीड़ लाखों तक पहुंच जाती है। इस मंदिर की सबसे अनोखी मान्यता विवाह से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि जिन युवक-युवतियों की शादी बार-बार मुहूर्त की बाधाओं के कारण अटक जाती है, उनकी शादी यहां बिना किसी शुभ मुहूर्त के भी संपन्न हो जाती है। परिवार मंदिर में लग्न पत्रिका लिखकर माता को समर्पित करते हैं और फिर विवाह सम्पन्न कराया जाता है। शादी के बाद नवविवाहित जोड़ा माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेता है।

एक और खास परंपरा उल्टा स्वास्तिक बनाने की है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और इच्छा पूरी होने पर सीधा स्वास्तिक बनाकर आभार व्यक्त करते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार, मंदिर की स्थापना भील राजाओं के समय हुई थी और माता यहां स्वयं प्रकट मानी जाती हैं। यह भी कहा जाता है कि माता ने कभी स्थायी छत स्वीकार नहीं की, इसलिए मंदिर का निर्माण आज भी लगातार जारी है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के अलावा कटनी, हिमाचल के मंडी और अयोध्या में भी अलग-अलग रूपों में पूजित है, लेकिन राजगढ़ का जालपा माता मंदिर विवाह संबंधी आस्था के लिए विशेष पहचान रखता है।