“दुर्ग में बोर सूखे, तालाब खाली… सूखे नलों के सामने बैठी जनता के बीच पहुंचे अरुण वोरा”
दुर्ग। शहर में लगातार गहराते जलसंकट को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने संकटग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बताया कि, शहर के कई तालाबों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, जबकि अधिकांश बोर या तो सूख चुके हैं या खराब पड़े हैं। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से जूझ रही जनता की परेशानी को देखते हुए अरुण वोरा ने नगर निगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल तालाबों में पानी भरने और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
वोरा ने नगर निगम और सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री आशुतोष सारस्वत से चर्चा करते हुए कहा कि, शहर के 24 तालाबों का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, जिससे तालाबों के आसपास रहने वाले लोगों के सामने निस्तारी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि, बड़ी आबादी आज भी तालाबों पर निर्भर है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण बोरसी, पोटिया, ठगड़ाबांध, दीपक नगर और कातुलबोड जैसे क्षेत्रों के तालाबों में समय पर पानी भरने का काम शुरू नहीं किया गया।

अरुण वोरा ने कहा कि, शिवनाथ नदी का जलस्तर भी लगातार घट रहा है, जिससे बोरों का वाटर लेवल तेजी से डाउन हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, तालाबों की सफाई, रिपेयरिंग, नहरों की टूट-फूट और लीकेज को तत्काल सुधारा जाए, ताकि बांध से छोड़ा गया पानी शहर के सभी तालाबों तक आसानी से पहुंच सके। उन्होंने निगम प्रशासन को जलसंकटग्रस्त वार्डों की लगातार मॉनिटरिंग करने की सलाह देते हुए कहा कि, नलों में पानी का प्रेशर कम होने और सप्लाई बाधित होने की शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाना चाहिए।
वोरा ने आरोप लगाया कि, फेस-2 और अमृत मिशन जैसी योजनाओं का लाभ अब तक आम जनता को नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि, आज स्थिति यह है कि, लोग नलों के सामने बैठकर पानी की एक-एक बूंद का इंतजार करने मजबूर हैं। न तो पर्याप्त प्रेशर से पानी मिल रहा है और न ही साफ पानी उपलब्ध हो पा रहा है। मजबूरी में लोग गंदे पानी का उपयोग करने को विवश हैं, जो सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ है।

