तरुण तेजपाल रेप केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व तहलका संपादक को दोषी ठहराया, ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा

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मुंबई। बहुचर्चित तरुण तेजपाल रेप मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। अदालत ने वर्ष 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना। मामले में सजा का ऐलान दोपहर 2:30 बजे किया जाएगा।

यह मामला नवंबर 2013 का है, जब तेजपाल की पूर्व महिला सहयोगी ने गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में उनके साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। ट्रायल कोर्ट से बरी होने के बाद गोवा सरकार ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामदार की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट का फैसला निरस्त करते हुए तेजपाल को आईपीसी की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत दोषी ठहराया। फैसला सुनाए जाने के दौरान तेजपाल अदालत में मौजूद थे। उन्होंने अपनी उम्र और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए नरमी बरतने की अपील की, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।

गौरतलब है कि ईमेल के सार्वजनिक होने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। नवंबर 2013 में गिरफ्तारी के बाद तेजपाल को वर्ष 2014 में जमानत मिली थी और 2017 में ट्रायल शुरू हुआ। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस बहुचर्चित मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है।