बलौदा बाजार। जिले के सिमगा थाना क्षेत्र में अंधविश्वास फैलाकर एक कॉलेज छात्रा से ऑनलाइन ठगी करने वाले मध्य प्रदेश के आरोपी जयप्रकाश मिश्रा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने खुद को तांत्रिक बताकर छात्रा को भूत-प्रेत का साया होने का डर दिखाया और पूजा-पाठ के नाम पर उससे 18,600 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए थे। पुलिस के अनुसार, पीड़िता बीएससी थर्ड सेमेस्टर की छात्रा है और सिमगा की रहने वाली है। आरोपी जयप्रकाश मिश्रा (44) ने छात्रा को मोबाइल पर कॉल कर कहा कि उस पर भूत-प्रेत का साया है और यदि विशेष पूजा-पाठ नहीं कराया गया तो उसके साथ अनहोनी हो सकती है। अंधविश्वास और डर का फायदा उठाते हुए आरोपी ने अलग-अलग समय में अपने QR कोड के माध्यम से छात्रा से कुल 18,600 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
पीड़िता की शिकायत पर थाना सिमगा में अपराध क्रमांक 490/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना की जिम्मेदारी प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत को सौंपी गई। उन्होंने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और बैंक ऑफ बड़ौदा, सिमगा से पीड़िता के खाते का स्टेटमेंट तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड जुटाए।
जांच के दौरान मिले ठोस दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से गिरफ्तार किया। इसके बाद न्यायालय में मजबूत चार्जशीट पेश की गई, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अपराध साबित करने में सफल रहा। मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिमगा की अदालत ने 9 जुलाई को आरोपी को दोषी ठहराते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत दो वर्ष के कारावास एवं 300 रुपये जुर्माना तथा धारा 319(2) के तहत एक वर्ष के कारावास एवं 200 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का नाम जयप्रकाश मिश्रा, पिता श्यामलाल मिश्रा, उम्र 44 वर्ष, निवासी रामानुज कॉलोनी, वार्ड क्रमांक-17, थाना सोहागपुर, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश) है। इस मामले में आरोपी को सजा दिलाने में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी मनीष कुमार केशर तथा प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके कार्य की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर किसी भी तरह के झांसे में न आएं तथा ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

