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लोकतंत्र का इतिहास एवं विपक्ष की भूमिका – डॉ.माणिक विश्वकर्मा

लोकतंत्र अर्थात जनता की शक्ति की शुरुआत पाँचवी वीं शताब्दी ईसा पूर्व प्राचीन यूनानी राजनेता क्लीस्थेनेस ने की थी। उन्होंने बहिष्कार की व्यवस्था शुरू करके कुलीन वर्ग के प्रभाव को…
May 10, 2026

पश्चिम बंगाल: परिवर्तन के साथ पुनर्जागरण – राजनाथ सिंह

“हे नूतन, देखा दिक आर-बार, जन्मेरो प्रथम शुभोखोन” (हे नवीन, एक बार फिर से सामने आओ, ठीक उसी तरह जैसे जन्म के समय वह पहला शुभ क्षण आया था।) गुरुदेव…
May 9, 2026

परिणामों पर एसआईआर का धब्बा, पर ममता बनर्जी का बेतुका हठ – रंजन श्रीवास्तव

देश की आजादी के 78 वर्ष तथा 8 महीने के बाद तथा अपने वर्तमान अस्तित्व के 46 वर्ष तथा 28 दिन के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल…
May 7, 2026

यह कंकाल हमारे समाज और व्यवस्था का ही आईना है: रंजन श्रीवास्तव

ओडिशा के एक आदिवासी जीतू मुंडा ने शिक्षा की कमी या बैंक कर्मियों की संवेदनहीनता के कारण मजबूरी में जो किया, वह हमारे समाज और व्यवस्था के गाल पर एक…
April 30, 2026

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के आर्थिक, रणनीतिक और राजनीतिक मायने! – संजीव वर्मा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में उस समय एक नए युग की शुरुआत हुई, जब दोनों देशों ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए, जो…
April 29, 2026