पंचवटी में जागरूकता शिविर के माध्यम से महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीणों को किया गया जागरूक
महिला सुरक्षा, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
रायपुर। महिला एवं बाल विकास से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के उद्देश्य से सूरजपुर जिले के विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत पंचवटी में ग्राम सभा के दौरान बाल विवाह रोकथाम एवं महिला सशक्तिकरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ फरजाना ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों को बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील करते हुए ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी दी तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही घरेलू हिंसा अधिनियम एवं सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।
महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ सलोनी कुजूर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना एवं महतारी वंदन ई-केवाईसी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त बेटियां ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की मजबूत आधारशिला हैं।
शिविर में साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देकर डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। योजनाओं से संबंधित ब्रोशर वितरित कर ग्रामीणों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशा मुक्ति, बालिकाओं की शिक्षा और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में सरपंच लालमन सिंह, सचिव सुखनंदन सिंह, जिला पंचायत ऑडिटर प्रदीप सिंह सहित अन्य अधिकारियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध सामूहिक जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया।

