*मेरी बेटी-मेरा अभिमान अभियान के तहत 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए बनेंगे शौचालय*
*नियद नेल्ला नार 2.0 और बस्तर मुन्ने अभियान से 39 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ*
दंतेवाड़ा। स्वतंत्रता दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को नमन किया। उन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों के योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की तथा प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
केदार कश्यप ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वाभिमान और स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा जैसे जननायकों का संघर्ष हमारी पीढिय़ों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान का संदेश स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों को मजबूत करता है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
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बदलते बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की नई सुबह
केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। कभी हिंसा और भय से प्रभावित बस्तर के क्षेत्रों में आज तिरंगा पूरे गौरव के साथ लहरा रहा है। तिरंगा यात्राओं में उमड़ता जनसमर्थन बदलते बस्तर के आत्मविश्वास और नई उम्मीद का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में शांति की स्थापना के साथ विकास की गति भी तेज हुई है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन इस बदलती तस्वीर का प्रमाण है। केदार कश्यप ने कहा कि यह बस्तर के पुनर्निर्माण, संभावनाओं को अवसरों में बदलने और नई पीढ़ी के भविष्य को संवारने का स्वर्णिम दौर है।
‘नियद नेल्ला नार 2.0Ó और ‘बस्तर मुन्ने अभियान के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण वर्षों से बंद स्कूलों में फिर से पढ़ाई की शुरुआत हुई है और 36 नए स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक नागरिकों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ?4,824 करोड़ की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है। नेतानार से प्रारंभ ‘सेवा डेरा के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है। सुरक्षा कैंप भी अब सुरक्षा के साथ सेवा और विकास के केंद्र के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं।
बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए सड़क, बिजली, संचार और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार किया जा रहा है। सौर ऊर्जा से संचालित 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली व्यवस्था से जोडऩे और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोडऩे पर काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से बस्तर और सरगुजा के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा गया है।
किसानों की आय और खेती की समृद्धि पर विशेष जोर
केदारकश्यप ने कहा कि किसानों की खुशहाली प्रदेश की समृद्धि का आधार है। सरकार किसानों से ?3,100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। कृषक उन्नति योजना की राशि किसानों को एकमुश्त प्रदान की गई है।
धान के साथ दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए ?15 हजार की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों की आय के नए स्रोत तैयार होंगे और फसल विविधीकरण को गति मिलेगी। ‘सहकार से समृद्धि के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
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11 हजार करोड़ से अधिक के कार्यों से सिंचाई क्षमता का विस्तार
केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ?11 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी दी गई है। सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना के लिए ?3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति महत्वपूर्ण कदम है। अटल सिंचाई योजना के माध्यम से वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर करीब ?2 हजार करोड़ की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनांचल की अर्थव्यवस्था से जुड़े तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हितों को प्राथमिकता देते हुए 5,500 प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है। संग्राहक परिवारों के लिए चरण पादुका योजना को भी पुन: प्रारंभ किया गया है।
पक्के आवास और खाद्यान्न सुरक्षा से मजबूत हो रहे परिवार
केदार कश्यप ने कहा कि हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ प्रदेश में अब तक 24 लाख 50 हजार आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। राज्य में प्रतिदिन औसतन 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश के 73 लाख परिवारों को नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महतारी वंदन से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही महिलाएं
केदार कश्यप ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 19,444 करोड़ की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई गई है। प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। जनजातीय परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। 6,691 जनजातीय बहुल गांवों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जोड़ा गया है। वनाधिकार पत्रों के वारिसों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू करने के साथ पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
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युवा शक्ति के लिए रोजगार से प्रतियोगी परीक्षाओं तक नए अवसर
प्रभारी मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों के 1,235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों को पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है और परीक्षाओं में नकल एवं अनुचित साधनों के विरुद्ध कठोर कानून बनाया गया है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजनाÓ प्रारंभ की जा रही है। सैन्य सेवा पूरी करने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
500 करोड़ का एआई मिशन खोलेगा भविष्य की अर्थव्यवस्था के द्वार
केदार कश्यप ने कहा कि तकनीक आधारित नई अर्थव्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ को तैयार करने हेतु ?500 करोड़ के छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित होंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए ?100 करोड़ का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय और वैश्विक मंच
प्रदेश में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नति और ?30 लाख की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाडिय़ों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी छत्तीसगढ़ इन खेलों की मेजबानी करेगा।
8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, रोजगार के बड़े अवसर
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ तेजी से निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। विभिन्न इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों से प्रदेश को अब तक ?8 लाख 23 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। नवा रायपुर की पहली गारमेंट इकाई से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा और राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित होंगे। प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है और रायपुर, नवा रायपुर तथा दुर्ग-भिलाई को जोड़कर स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।
सड़क, रेल, ऊर्जा और डिजिटल नेटवर्क से बढ़ रही विकास की रफ्तार
एनर्जी समिट में प्रदेश को ?3.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का ?910 करोड़ का सरचार्ज माफ किया गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 90 हजार से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को नई ताकत देंगे।
दूरस्थ क्षेत्रों में ढाई वर्षों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। भारतनेट 3.0 के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ‘सीजी वायु योजना के माध्यम से प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी का भी विस्तार किया जा रहा है।
तकनीक आधारित सुशासन से नागरिक सेवाएं हुईं आसान
केदार कश्यप ने कहा कि सुशासन को अधिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है और सेवा सेतु पोर्टल पर 700 से अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
प्रदेश की 7,524 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय, रजिस्ट्री सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं को सरल बनाया गया है। ‘नियद नेल्ला नार से बाहर के जिलों में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से 31 योजनाओं को सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।
बेटियों के सम्मान और सुविधा के लिए ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान
केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान अभियान को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसके अंतर्गत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। इसके साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय विकसित किए जाएंगे।
कानून-व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा भी होगी मजबूत
केदार कश्यप ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और मजबूत कानून-व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए प्रदेश में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा का विस्तार पूरे प्रदेश में किया गया है।
बस्तर के पर्यटन और लोक-संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन अधोसंरचना को नई गति मिलेगी। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम ने जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खेल और स्थानीय प्रतिभाओं को व्यापक पहचान दिलाई है। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कार्य होगा।
पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति में ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरणÓ प्रारंभ किया जाएगा और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को प्रोत्साहन देने के लिए चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण होगा। आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान सामने आई 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को रेखांकित करती है।
हरियाली और विकास के बीच संतुलन सरकार की प्राथमिकता
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री कश्यप ने कहा कि विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में सात करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिला है।
विकसित बस्तर से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की ओर
अपने संदेश में प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आज का छत्तीसगढ़ अपनी विरासत पर गर्व करते हुए भविष्य की संभावनाओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है। किसान की समृद्धि, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, युवाओं के लिए अवसर, जनजातीय समाज का उत्थान, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीक, निवेश और पर्यावरण संरक्षण—इन सभी क्षेत्रों को साथ लेकर विकास की नई यात्रा आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पूरा करने में बस्तर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के सपनों के अनुरूप ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से हम सभी मिलकर समृद्ध, सुरक्षित और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे
