बीजापुर में वन्यजीव संरक्षण का संदेश गांव-गांव पहुंचाएगा ‘बाघ रथ’, साल के अंत तक शुरू होगा इको-टूरिज्म

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को बीजापुर में वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ करते हुए इन्द्रावती टाइगर रिजर्व द्वारा तैयार ‘बाघ रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ वनांचल के गांवों में पहुंचकर वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।

कश्यप ने कहा कि जंगल और वन्यप्राणी हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनका संरक्षण केवल वन विभाग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन्यजीवों की प्रभावी सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘बाघ रथ’ के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश गांवों तक पहुंचाने के साथ लोगों को जैव विविधता के महत्व से जोड़ा जाएगा।

वन मंत्री ने बीजापुर की समृद्ध जैव विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के जंगल और वन्यप्राणी क्षेत्र की पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने, जंगलों के संरक्षण तथा मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

उन्होंने इस दौरान घोषणा की कि इस वर्ष के अंत तक बीजापुर जिले में इको-टूरिज्म गतिविधियां विधिवत शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और जैव विविधता से समृद्ध बीजापुर में इको-टूरिज्म के विकास से पर्यटकों को क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

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कश्यप ने कहा कि इको-टूरिज्म को स्थानीय समुदाय की सहभागिता से विकसित किया जाएगा। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ आजीविका के साधनों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति एवं वन्यजीवों का संरक्षण करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना इको-टूरिज्म का प्रमुख उद्देश्य है।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी सहित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पंकज उप्रेती