नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय नियमों का पालन नहीं करने पर छह गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का जुर्माना लगाया है। इस सूची में मुथूट फाइनेंस, अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज, सत्या माइक्रोकैपिटल, DMI फाइनेंस, धनी लोन्स एंड सर्विसेज और मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस शामिल हैं। RBI ने स्पष्ट किया है कि, यह कार्रवाई केवल नियमों के उल्लंघन के कारण की गई है और इससे ग्राहकों की जमा राशि या सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
RBI के अनुसार, अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज पर सबसे अधिक 6.20 लाख रुपये, मुथूट फाइनेंस पर 5.80 लाख रुपये, जबकि सत्या माइक्रोकैपिटल और DMI फाइनेंस पर 3.10-3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। धनी लोन्स एंड सर्विसेज और मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस पर 2.70-2.70 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि, मुथूट फाइनेंस ग्राहकों के जोखिम आकलन और संदिग्ध लेनदेन की निगरानी से जुड़े नियमों का पालन करने में विफल रही। अन्य कंपनियों पर भी तय सीमा से अधिक ऋण देने और नियामकीय प्रक्रियाओं में लापरवाही के आरोप पाए गए। RBI का कहना है कि, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।
