मितानिनों की सक्रियता से सुदृढ़ होगी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, सुकमा कलेक्टर ने दिए जरूरी निर्देश

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सुकमा। कलेक्टर अमित कुमार ने बुधवार को मितानिन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति और कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में उन्होंने मितानिन के 132 रिक्त पदों को भरने के लिए लंबित प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने तथा जगरगुंडा और चिंतनार क्षेत्र में नए पदों के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एएनसी पंजीयन और संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। सभी मितानिनों को 10 सितंबर को संबंधित उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की जानकारी एएनएम को देने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने होम डिलीवरी के प्रत्येक मामले की वजह सहित रिपोर्ट तैयार करने और 102 एंबुलेंस सेवा का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा। जिले में बढ़ते मलेरिया संक्रमण को देखते हुए बुखार के हर मामले की तत्काल जांच, पूरा उपचार और जरूरत पड़ने पर अस्पताल रेफर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। कार्ड निर्माण की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए आगामी शनिवार को कोंटा सेक्टर में होने वाले शिविर के लिए मितानिनों को घर-घर जाकर हितग्राहियों को शिविर तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान मामलों का जल्द निराकरण करने और निष्क्रिय पुरानी निधियों को नियमानुसार समर्पित करने के लिए भी कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि मितानिन ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए मैदानी स्तर पर उनकी सक्रिय भागीदारी, बेहतर समन्वय और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली से स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. आरके सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गीतू हरित, बीएमओ कोंटा डॉ. दीपेश चंद्राकर समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।