नई दिल्ली। देश में शिक्षा की बढ़ती लागत को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चिंता जताई है। उन्होंने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि, पिछले एक दशक में स्कूल फीस, ट्यूशन और पढ़ाई से जुड़े खर्च परिवारों की आय की तुलना में काफी तेजी से बढ़े हैं। जयराम रमेश के अनुसार, शिक्षा अब कई मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक दबाव बन चुकी है। उनका दावा है कि परिवारों को अपनी आय का पहले से ज्यादा हिस्सा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि, निजी ट्यूशन, कोचिंग, किताबें और डिजिटल स्टडी मटेरियल पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने CMIE के आंकड़ों के आधार पर बताया कि, पिछले वर्षों में स्कूल और कॉलेज फीस में बढ़ोतरी घरेलू आय वृद्धि से अधिक रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए कोचिंग और अन्य संसाधनों का खर्च भी बड़ी चुनौती बन गया है। जयराम रमेश ने कहा कि, शिक्षा से जुड़ी समस्याएं केवल परीक्षा व्यवस्था या पेपर लीक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा की पहुंच और affordability भी बड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार से सरकारी शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने, फीस नियंत्रण और छात्रों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
