o किसान राशीराम की बदली तकदीर, एक ही मंच पर मिलीं दो बड़ी सौगातें
o 15 हजार रुपए की सब्सिडी के साथ मिला आधुनिक पावर वीडर
o राजस्व विभाग ने तुरंत सौंपी ऋण पुस्तिका
रायपुर। खेती-किसानी को आधुनिक और आसान बनाने की सीएम विष्णु देव साय की मंशा अब धरातल पर सच साबित हो रही है। सुशासन तिहार शिविरों के जरिए किसानों की समस्याओं का स्थल पर और समयबद्ध निराकरण कर उनके जीवन को सुगम बनाया जा रहा है। सारंगढ़ – बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम मड़कड़ी निवासी किसान राशीराम आदित्य के लिए वर्ष 2026 का श्सुशासन तिहारश् खुशियों की नई सौगात लेकर आया। विगत 5 जून को आयोजित शिविर में राशीराम ने अपनी दो प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन किया था। जिला प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का नतीजा है कि, मात्र एक महीने के भीतर उनकी दोनों मांगें पूरी हो गईं।
आधुनिक खेती का सपना हुआ साकार: मिली 15 हजार रुपए की सब्सिडी
राशीराम अपनी खेती को आधुनिक उपकरणों से जोड़ना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कृषि विभाग को पावर वीडर मशीन के लिए आवेदन दिया था। कलेक्टर के निर्देशन में कृषि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रक्रिया को गति दी। पावर वीडर मशीन की कुल लागत 52 हजार रुपए में से शासन द्वारा 15 रुपए अनुदान किसान को मिला। पावर वीडर से खेतों की निंदाई-गुड़ाई अब बेहद कम समय और कम लागत में हो सकेगी।मजदूरों की किल्लत और भारी श्रम से बड़ी राहत मिलेगी। आधुनिक तकनीक से कृषि कार्य की दक्षता और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी।
राजस्व विभाग की त्वरित पहल: ऋण पुस्तिका भी मिली
शिविर में राशीराम ने अपनी दूसरी बड़ी जरूरतकृऋण पुस्तिका के लिए भी आवेदन लगाया था। राजस्व विभाग ने तत्परता दिखाते हुए उनके आवेदन का त्वरित निराकरण किया और उन्हें ऋण पुस्तिका सौंप दी। अब राशीराम को भविष्य में बैंक ऋण लेने, शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने और अन्य कृषि संबंधी सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
किसान ने जताया मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार
एक ही मंच पर अपनी दोनों बड़ी समस्याओं का समाधान पाकर किसान राशीराम आदित्य के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। उन्होंने सीएम साय और जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, शासन की यह पहल हम जैसे छोटे किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। अधिकारियों ने जिस संवेदनशीलता के साथ महज एक महीने में मुझे कृषि मशीन और ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई है, जिससे काम बहुत आसान हो गया है। सुशासन तिहार वाकई ग्रामीणों का जीवन बदल रहा है।
उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में मैदानी अधिकारियों द्वारा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ निरंतर पहुँचाया जा रहा है। राशीराम की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में अब आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण तेज, सरल और पारदर्शी तरीके से हो रहा है।

