नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और बढ़ते आर्थिक संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में बढ़ती कीमतों को लेकर बड़ी चिंता जताई है। वित्त मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण चीजों के दाम ‘अकल्पनीय स्तर’ पर पहुंच गए हैं। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को तीन ‘Fs’ यानी फ्यूल (Fuel – ईंधन), फर्टिलाइजर (Fertilizer – उर्वरक) और फॉरेन एक्सचेंज (Foreign Exchange – विदेशी मुद्रा भंडार) पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
वित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते हालिया भू-राजनीतिक तनाव का सीधा और गहरा असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। इस संकट के चलते भारत को अपनी आर्थिक स्थिरता को सुरक्षित रखने के लिए अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने बताया कि वैश्विक आपूर्ति में आई रुकावटों की वजह से खेती के लिए जरूरी फर्टिलाइजर की कीमतें अब तक के सबसे अभूतपूर्व और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जो हमारे कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है।
इसके साथ ही, प्रमुख समुद्री आपूर्ति मार्गों में आ रहे व्यवधान के कारण ईंधन के दामों में भी आग लगी हुई है। हालात इतने गंभीर हैं कि महज 11 दिनों के भीतर ही देश में पेट्रोल की कीमतों में $7.38$ रुपये प्रति लीटर की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इन विपरीत परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ईंधन, खाद और विदेशी मुद्रा के प्रवाह पर बहुत ही बारीकी से नजर रख रही है ताकि आम जनता पर इसका बोझ कम किया जा सके।
