PMO ने स्वास्थ्य विभाग में हुए भ्रष्टाचार पर लिया संज्ञान, जांच के आदेश

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यूपी। स्वास्थ्य महानिदेशालय में कथित भ्रष्टाचार को लेकर की गई शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्शन लिया है। पीएमओ ने मामले को संत्रान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि शिकायत में स्वास्थ्य महानिदेशालय में तबादलों में कथित लेनदेन, लंबे समय से जमे अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, मामले की निष्पक्ष और गोपनीय जांच की मांग के बाद अब नजरें एजेंसियों की नजर टिकी हुई है।

दरअसल, स्वास्थ्य महानिदेशालय में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की पीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं। डालीगंज के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर कुमार के नाम से यह शिकायत प्रधानमंत्री, राज्यपाल, रक्षामंत्री, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से की गई थी। उन्होंने शिकायती पत्र में महानिदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर पवन कुमार अरुण पर भी तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं महानिदेशालय को भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया है। इसमें महानिदेशालय की तीन महिला कर्मियों की भी शिकायत की गई है।

शिकायतकर्ता ने लेवल-1 के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के तबादलों में लाखों रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों के 10 से 15 वर्षों से निदेशालय में तैनात रहने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। कुछ अधिकारियों पर अकूत संपत्ति अर्जित की गई है। पूरे मामले की गोपनीय ढंग से किसी बाहरी एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने महानिदेशालय के सीसीटीवी फुटेज और आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल की जांच कराने की भी मांग की गई है। इस संबंध में महानिदेशक से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।