रायगढ़। जिले के काशीराम चौक स्थित ओला इलेक्ट्रिक सर्विस सेंटर में इलेक्ट्रिक वाहनों और लिथियम-आयन बैटरियों के असुरक्षित भंडारण की शिकायत सही पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। प्रशासन का कहना है कि परिसर में अग्नि सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों का अभाव था, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था। जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर की गई।
प्रशासन के अनुसार सर्विस सेंटर में इलेक्ट्रिक वाहनों और हाई-वोल्टेज लिथियम-आयन बैटरियों को अत्यंत असुरक्षित तरीके से रखा गया था। निरीक्षण के दौरान करीब 280 इलेक्ट्रिक वाहन परिसर में पाए गए। इनमें से कई वाहनों को बिना पर्याप्त वेंटिलेशन वाले टिन शेड के भीतर रखा गया था, जबकि कुछ वाहन परिसर के बाहर भी खड़े मिले। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा जोखिम माना, क्योंकि लिथियम-आयन बैटरियों में आग लगने की स्थिति सामान्य आग की तुलना में अधिक खतरनाक हो सकती है।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच दल में कार्यपालिक दंडाधिकारी एवं तहसीलदार शिव कुमार डनसेना तथा नायब तहसीलदार प्रतीक देवांगन शामिल थे। टीम ने 7 अगस्त को मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि परिसर में आग से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं थे। निरीक्षण में सामने आया कि प्रतिष्ठान में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र नहीं थे। इसके अलावा सीओ-2 अथवा क्लास-डी फायर एक्सटिंग्विशर, रेत की बाल्टियां तथा इलेक्ट्रिक वाहनों और लिथियम-आयन बैटरियों में लगने वाली आग को नियंत्रित करने के लिए जरूरी अन्य सुरक्षा उपकरण भी मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने माना कि यदि ऐसी स्थिति में आग लगती तो उसे नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो सकता था और आसपास के लोगों की जान-माल को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
जांच दल ने मौके पर विस्तृत पंचनामा तैयार किया और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। इसके बाद तकनीशियन चंद्र प्रकाश आदित्य की उपस्थिति में सर्विस सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठान को सुरक्षा मानकों के पालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक क्षेत्रों में संचालित ऐसे प्रतिष्ठानों को अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य है। विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों और लिथियम-आयन बैटरियों के भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन उपयोग के बीच सुरक्षा उपायों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों का भी समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहन या बैटरियां रखी जाती हैं। यदि कहीं भी अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जन-जीवन को जोखिम में डालने वाली किसी भी गतिविधि के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। प्रशासन ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
