रायगढ़। देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एनटीपीसी लारा अपनी उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर काम कर रहा है। संयंत्र में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर ने वर्तमान प्रदर्शन, प्रस्तावित विस्तार योजना और सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि एनटीपीसी लारा ने 84 प्रतिशत वार्षिक और 86.28 प्रतिशत मासिक प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के साथ एनटीपीसी के बिजलीघरों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, सहायक विद्युत खपत (APC) का स्तर वार्षिक 5.91 प्रतिशत और मासिक 5.85 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो एनटीपीसी स्टेशनों में दूसरा सबसे कम है। इसके अलावा 0.47 प्रतिशत का वार्षिक साइकिल मेकअप दर्ज कर संयंत्र ने सबसे कम स्तर हासिल किया। ये आंकड़े बिजली उत्पादन में बेहतर परिचालन और संसाधनों के कुशल उपयोग को दर्शाते हैं।
प्रेस वार्ता में सुभाष ठाकुर ने बताया कि एनटीपीसी लारा की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 4,800 मेगावाट करने की प्रस्तावित योजना पर तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा और तकनीकी उन्नयन से जुड़ी पहल भी आगे बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास, कौशल प्रशिक्षण और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत संचालित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
