नई दिल्ली। भूटान में ग्लेशियर झील शिंताफू के फटने से अचानक बाढ़ (GLOF) का खतरा पैदा हो गया है। झील से निकला पानी तेज बहाव के साथ नदियों की ओर बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर पश्चिम बंगाल और असम में हाईअलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है। प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
संकोश नदी में बढ़ सकता है जलस्तर
ग्लेशियर झील फटने के बाद पानी मोफू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर बढ़ रहा है। आशंका जताई गई है कि इससे संकोश नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ सकता है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों के साथ असम के धुबरी जिले में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
8 से 10 घंटे में भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है पानी
भारत की ओर से जारी विशेष एडवाइजरी में बताया गया है कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ का पानी घटना के बाद 8 से 10 घंटे के भीतर भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है। इससे अलीपुरद्वार और धुबरी जिलों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बंगाल और असम सरकार अलर्ट मोड पर
स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल और असम की सरकारों ने प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट पर रखा है। पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और कुमारग्राम के विधायक मनोज कुमार उरांव ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर चेतावनी दी कि कुमारग्राम में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और एहतियात बरतने को कहा गया है।
क्या है ग्लेशियर झील फटने से आने वाली बाढ़ (GLOF)?
ग्लेशियरों के पिघलने से पहाड़ी क्षेत्रों में झीलें बनती हैं। जब इन झीलों में जमा पानी प्राकृतिक बांध टूटने या कमजोर होने के कारण अचानक बाहर निकलता है, तो इसे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहते हैं। इस दौरान पानी का तेज बहाव अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर और मलबा लेकर नीचे की ओर बढ़ता है। इससे रास्ते, पुल, मकान, खेत और आसपास की बस्तियां तबाह हो सकती हैं।शिंताफू झील भूटान के पुनात्सांगछू नदी बेसिन में स्थित है। भारत में प्रवेश करने के बाद इसी नदी को संकोश नदी के नाम से जाना जाता है।
