नीरव मोदी केस: लंदन कोर्ट का बड़ा फैसला, बैंक ऑफ इंडिया को देने होंगे करीब 100 करोड़ रुपये

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नई दिल्ली। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन की अदालत से बड़ा झटका लगा है। लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मोदी को करीब 1.07 करोड़ डॉलर (लगभग 100 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है।

यह मामला दुबई स्थित फायरस्टार ग्रुप की कंपनी फायरस्टार डायमंड एफजेडई को दिए गए कर्ज से जुड़ा है। बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2012 में कंपनी को ऋण दिया था। बैंक का दावा था कि नीरव मोदी ने इस कर्ज के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी और डिफॉल्ट होने की स्थिति में भुगतान की जिम्मेदारी ली थी।बैंक ने 2018 में कर्ज वसूली की प्रक्रिया शुरू की थी, जब नीरव मोदी और उनके रिश्तेदार मेहुल चोकसी से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले सामने आए थे। इसके बाद मोदी ने बैंक की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कोर्ट में अपनी दलीलें रखीं।

सुनवाई के दौरान नीरव मोदी ने कहा कि व्यक्तिगत गारंटी लागू नहीं की जा सकती और उन्हें भुगतान की वैध मांग नहीं मिली थी। उन्होंने ऋण समझौते से जुड़े कई तर्क भी पेश किए। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि बैंक की ओर से भेजे गए भुगतान नोटिस सही तरीके से दिए गए थे और बैंक बकाया राशि पाने का हकदार है। लंदन कोर्ट के इस फैसले के बाद बैंक ऑफ इंडिया को बड़ी कानूनी जीत मिली है, जबकि नीरव मोदी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।