नई दिल्ली। भारत और रूस ने रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग को नई गति देने के लिए कई अहम क्षेत्रों में साथ काम करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच शुक्रवार को भारत-रूस कार्य समूह की 12वीं बैठक हुई, जिसमें रेलवे, ड्रोन, विमानन और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। बैठक में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, वंदे भारत परियोजना और आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा रूस के एसजे-100 क्षेत्रीय यात्री विमान, एयरो-इंजन, मानव रहित हवाई वाहन (UAV) और 3-डी प्रिंटिंग तकनीक में साझेदारी की संभावनाएं भी तलाशीं गईं।
महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। लिथियम, टाइटेनियम, एल्यूमीनियम और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज तथा खनन उपकरणों के निर्माण जैसे विषय बैठक के प्रमुख एजेंडे में रहे। इसके साथ ही उर्वरक, औद्योगिक ऑटोमेशन, कार्बन फाइबर, प्रोपल्शन सिस्टम और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर भी बातचीत हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने पिछले सत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे की योजनाओं पर सहमति बनाई। करीब 60 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दोनों देशों ने प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इससे भारत-रूस के औद्योगिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
