नई दिल्ली/मुंबई। एनसीईआरटी एक बार फिर अपने पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला कक्षा 8वीं की सामाजिक विज्ञान की किताब से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाने को लेकर सामने आया है। फैसले के विरोध में मराठा शाही परिवारों के वंशज और सामाजिक कार्यकर्ता बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि, एनसीईआरटी ने बिना पर्याप्त ऐतिहासिक आधार और विशेषज्ञों की राय के यह कदम उठाया। उन्होंने अदालत में जनहित याचिका दाखिल कर नक्शे को दोबारा किताब में शामिल करने की मांग की है।

दरअसल, जुलाई 2025 में प्रकाशित कक्षा 8वीं की किताब में मराठा साम्राज्य के विस्तार का नक्शा दिया गया था, जिसमें तंजावुर से पेशावर और कटक तक फैले साम्राज्य को दर्शाया गया था। बाद में यह नक्शा डिजिटल संस्करणों से हटा दिया गया। याचिका में दावा किया गया है कि, कुछ विरोधों के बाद गठित कमेटी ने बिना गहन ऐतिहासिक जांच के नक्शा हटाने का फैसला लिया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि, कमेटी में मराठा इतिहास विशेषज्ञ का पद खाली था। महाराष्ट्र सरकार ने भी केंद्र और एनसीईआरटी को पत्र लिखकर नक्शा दोबारा शामिल करने की मांग की है। अब इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई और फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
