राजधानी में विस्फोटक सामग्री मिलने पर गरमाई सियासत: डिप्टी सीएम ने विपक्ष को घेरा, धनेंद्र साहू ने सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के रावाभाठा क्षेत्र में संदिग्ध बम बनाने का सामान मिलने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। इस संवेदनशील मामले पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि, सत्ता छिनने के बाद विपक्षी दल राज्य की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि, सरकार हर परिस्थिति पर नजर रखे हुए है और ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। जवाब में पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने सरकार के रुख की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि, प्रशासन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष पर दोष मढ़ रहा है और “शुतुरमुर्ग” जैसा व्यवहार कर रहा है। साहू ने मांग की कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक के लिए सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

पूरा विवाद रावाभाठा के वार्ड नंबर-13 में मितानिन पुष्पा साहू के घर से बरामद एक लावारिस बैग से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि, बीरगांव के निवासी विनय देवांगन ने इस बैग को अमानत के तौर पर कुछ देर के लिए वहां रखा था। घर वालों को जब बैग पर संदेह हुआ, तो उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद अश्वनी यादव को इसकी जानकारी दी। पार्षद की मौजूदगी में बैग की तलाशी लेने पर उसमें से बैटरी, बिजली के तार, एयरगन, संदिग्ध रसायनों की बोतलें और डेटोनेटर जैसी वस्तुएं बरामद हुईं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर नॉर्थ पुलिस, बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सामग्री को अपने कब्जे में लिया। फिलहाल पुलिस विनय देवांगन की तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए बैग लाने वाले के रास्तों की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इन सामग्रियों की मारक क्षमता और असली मकसद का खुलासा हो सकेगा। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी डर और चिंता देखी जा रही है। पुलिस विभाग का कहना है कि, जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और जल्द ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। फिलहाल रायपुर पुलिस अलर्ट मोड पर है और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।