धरती के स्वर्ग कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: बृजमोहन अग्रवाल

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  • गुलमर्ग में ‘रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति’ की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न
  • प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों की स्थापना और प्लास्टिक का उपयोग कम करने पर हुई गंभीर चर्चा

गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर)/ रायपुर।  रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति के देशव्यापी अध्ययन दौरे के तहत आज जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनौपचारिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्य व रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर के पर्यावरण को सहेजने और इसे प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में कड़े कदम उठाने पर जोर दिया।

इस उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू-कश्मीर सरकार के रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग (DCPC) तथा केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों व विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा हुई। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में ‘प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों’ (Plastic Waste Management Centres) की स्थापना करना और यहाँ प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करना रहा।

बैठक के दौरान अपने विचार साझा करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल जी ने कहा कि, “कश्मीर केवल भारत का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का गौरव है। इसकी अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता को देखने हर साल यहाँ देश-विदेश से लाखों सैलानी आते हैं। पर्यटकों की इस भारी तादाद के कारण यहाँ प्लास्टिक कचरे का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह अनियंत्रित प्लास्टिक कचरा यहाँ के नाजुक पर्यावरण, खूबसूरत वादियों, ग्लेशियरों और जल स्रोतों को अपूरणीय क्षति पहुँचा सकता है।”

श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि केंद्र सरकार और संसदीय समिति का यह स्पष्ट मत है कि विकास और पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन भी बना रहना चाहिए। इसके लिए जम्मू-कश्मीर में अत्याधुनिक प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि कचरों का सही तरीके से पुनर्चक्रण (Recycling) हो सके। साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनता से सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह बंद करने और इसके विकल्पों को बढ़ावा देने की अपील की ।

इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान समिति के अन्य कमेटी कार्यकारी अध्यक्ष मलविंदर सिंह कांग, पुरी सांसद डॉ. संबित पात्रा, त्रिपुरा पूर्व सांसद कृति देवी देबबर्मन, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, पाटन (गुजरात) सांसद भरतसिंहजी डाभी, पूर्णिया सांसद राजेश रंजन, फूलपुर (उ.प्र.) सांसद प्रवीण पटेल और खीरी (उ.प्र.) सांसद उत्कर्ष वर्मा, अखिलेश प्रसाद सिंह, अरुण सिंह,  सहित विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।