अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टास्क फोर्स में भारतीयों की बड़ी एंट्री, रघुराम राजन, राज चेट्टी और आशा शर्मा को मिली अहम जिम्मेदारी

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वॉशिंगटन। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी मौद्रिक नीति और संस्थागत ढांचे की व्यापक समीक्षा के लिए पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन, भारतीय मूल के अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ अधिकारी आशा शर्मा को विभिन्न टास्क फोर्स में शामिल किया है। इसे फेड की नीति-निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श ने पांच विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। इनमें बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर मर्विन किंग, नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट, वॉलमार्ट के पूर्व CEO डग मैकमिलन और निवेशक मार्क आंद्रेसेन जैसी वैश्विक हस्तियां भी शामिल हैं।

केविन वॉर्श ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को साथ जोड़ने का उद्देश्य फेड में नए विचारों को शामिल करना, पारदर्शिता बढ़ाना और बदलती आर्थिक चुनौतियों के अनुरूप नीति-निर्माण को मजबूत बनाना है। रघुराम राजन को बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। वह करेन डायनन और फेड के पूर्व गवर्नर जेरेमी स्टीन के साथ मिलकर फेड की बैलेंस शीट, एसेट होल्डिंग्स और मौद्रिक नीति पर उनके प्रभाव का विश्लेषण करेंगे। वहीं राज चेट्टी डेटा टास्क फोर्स का नेतृत्व करेंगे। उनकी टीम आर्थिक संकेतकों की गुणवत्ता और रियल-टाइम डेटा उपलब्धता को बेहतर बनाने पर काम करेगी, ताकि भविष्य में नीतिगत फैसले अधिक सटीक और प्रभावी हो सकें।

आशा शर्मा, जो माइक्रोसॉफ्ट में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं, प्रोडक्टिविटी एंड एम्प्लॉयमेंट टास्क फोर्स का हिस्सा होंगी। उनकी टीम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों का रोजगार, उत्पादकता और आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगी। कोरोना महामारी के दौरान फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। अब फेड बैलेंस शीट को सामान्य स्तर पर लाने के साथ-साथ महंगाई, मौद्रिक नीति, डेटा, उत्पादकता और रोजगार से जुड़े ढांचे की व्यापक समीक्षा कर रहा है। ऐसे समय में भारतीय मूल के तीन विशेषज्ञों की नियुक्ति वैश्विक आर्थिक नीति-निर्माण में भारत की बढ़ती भूमिका और विशेषज्ञता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।