धार। मध्यप्रदेश के धार से सड़क हादसे की बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जायेंगे। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई इस दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली दुर्घटना ने पीड़ितों के परिजनों को कभी न भूल पाने वाले जख्म दिए हैं। दरअसल रात का अंधेरा और सड़क पर बिखरे अपनों के शव, खून से लथपथ जिंदगियां। दूर-दूर तक गूंजने वाली चीख-पुकार ने न सिर्फ मध्य प्रदेश को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। जैसे ही जिला प्रशासन और सड़क हादसे के शिकार हुए परिजनों को इस खौफनाक, भयावह हादसे की खबर मिली, तो सब कुछ पल के लिए हैरान रह गए। 50 मजदूरों से भरे पिकअप वाहन की स्कॉर्पियो से हुई टक्कर ने 16 जिंदगियां छीन लीं। 10 लोग अभी-भी अति गंभीर रूप से घायल हैं। इंदौर में उनका उपचार चल रहा है। आपको बता दें की हादसा चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रात 8:30 बजे हुआ। मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक मजदूर सवार बताए जा रहे हैं। वाहन पलटने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
वहीं हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह मिले अपडेट के मुताबिक मृतकों का आंकड़ा 16 हो गया है, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 10 अति गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है। यह पिकअप वाहन धार से अमझेरा की ओर जा रहा था। तभी ओवरलोड पिकअप वाहन असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया, फिर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई श्रमिक वाहन के नीचे दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने घायलों को निकाला। हालात कैसे थे, इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जब इतनी बड़ी संख्या में घायलों को जिला अस्पताल एक साथ पहुंचाया गया, तो वहां जगह कम पड़ गई। घायलों को जमीन पर लिटाकर इलाज करना पड़ा। हालांकि, घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सभी घायलों का समुचित इलाज शुरू किया। रात में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर सहित इंदौर संभागायुक्त सुदामा खाड़े एवं इंदौर रेंज के महानिरीक्षक अनुराग भी पहुंचे। हादसे का कारण पिकअप वाहन में सवार श्रमिक ग्राम बग्गड़ के पास खेत पर काम करने गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। श्रमिकों ने बताया कि वाहन में लगे स्पीकर से चालक तेज आवाज में गाना सुनते हुए वाहन लहराते हुए चला रहा था। वाहन में ठूंस-ठूंसकर श्रमिक भरे थे। इसका खामियाजा श्रमिकों को जान देकर चुकाना पड़ा।
