ट्रेन हादसे में गंवाया था हाथ, ‘सेवा संकल्प अभियान’ से तेजराम को दो घंटे में मिला कृत्रिम हाथ

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में संचालित सेवा संकल्प अभियान जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद जगाने का माध्यम बन रहा है। धमतरी जिले के ग्राम गोजी निवासी तेजराम साहू को ‘निदान-03’ शिविर में महज डेढ़ से दो घंटे के भीतर कृत्रिम हाथ उपलब्ध कराया गया। लंबे समय से शारीरिक परेशानी का सामना कर रहे तेजराम के लिए यह मदद आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे उन्हें फिर से अपने जीवन में पूर्णता और स्वाभिमान का एहसास हुआ है।

तेजराम की जिंदगी में मुश्किल दौर तब शुरू हुआ, जब 18 वर्ष की उम्र में एक गंभीर ट्रेन हादसे में उनका दायां हाथ बुरी तरह घायल हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें हाथ गंवाना पड़ा। इसके बाद रोजमर्रा के काम करना और आजीविका से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए चुनौती बन गया। कई कामों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और संघर्ष जारी रखा।

तेजराम की मदद के लिए जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘निदान-03’ शिविर आगे आया। सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाए गए इस शिविर में भगवान महावीर सेवा संस्थान के इंजीनियरों ने उनका हाथ मापकर कृत्रिम हाथ तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद रिकॉर्ड समय में उन्हें कृत्रिम हाथ सौंप दिया गया। इस त्वरित सहायता से तेजराम को अपने दैनिक कार्यों को अधिक आसानी से करने की उम्मीद मिली।

कृत्रिम हाथ मिलने पर तेजराम भावुक हो गए और उन्होंने जिला प्रशासन तथा संबंधित समिति के प्रति आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब रोजमर्रा के काम करने में आसानी होगी और दूसरों पर निर्भरता कम होगी। तेजराम की कहानी सेवा संकल्प अभियान के उस उद्देश्य को दर्शाती है, जिसके तहत जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है।