मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला जिले के बेलरपुर गांव में जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत हर घर तक नल से पानी पहुंचाने का दावा किया गया था, लेकिन गांव में तीन साल बाद भी योजना अधूरी पड़ी है। भीषण गर्मी में लोग आज भी पीने के पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। गांव के दो मोहल्लों में सिर्फ दो हैंडपंप ही पानी का सहारा हैं। इनमें से एक हैंडपंप का बोर सिस्टम लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को हाथ से पंप चलाकर पानी निकालना पड़ रहा है। सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी कतार लग जाती है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

दूसरे मोहल्ले में स्कूल परिसर से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन पाइपलाइन अधूरी छोड़ दी गई। ग्रामीण खुले पाइप से गंदगी और कीचड़ के बीच पानी भरने को मजबूर हैं। यही जगह पशुओं के पानी पीने का भी केंद्र बनी हुई है, जिससे संक्रमण और बीमारी का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने ठेकेदार और पीएचई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है और समय पर काम पूरा नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
