नई दिल्ली। भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। 2026 की पहली छमाही में देश के रियल एस्टेट बाजार में निजी इक्विटी (PE) निवेश 3.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 33 प्रतिशत ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान बड़े निवेशकों ने ऑफिस, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी और अन्य उभरते क्षेत्रों में जमकर निवेश किया।
रियल एस्टेट सलाहकार फर्म सैविल्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में अकेले 2 अरब डॉलर का निवेश आया। इसमें डेटा सेंटर सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसकी हिस्सेदारी करीब 38 प्रतिशत रही। इसके बाद ऑफिस सेगमेंट में 30 प्रतिशत और रेजिडेंशियल सेक्टर में 16 प्रतिशत निवेश हुआ।
पहली छमाही में ऑफिस प्रॉपर्टी निवेशकों की पहली पसंद बनी रही, जिसमें कुल PE निवेश का 34 प्रतिशत हिस्सा गया। घरेलू निवेशकों का योगदान 51 प्रतिशत रहा, जबकि विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजार में मजबूत रुचि दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, को-लिविंग, हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के कारण आने वाले समय में रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश की रफ्तार और तेज हो सकती है।
