बिलासपुर। चलती ट्रेनों में यात्रियों के गहने और कीमती सामान चोरी करने वाले अंतरराज्यीय ‘पेपर गैंग’ के छह शातिर बदमाशों को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे और दूसरी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई है।
पुलिस के अनुसार, रायगढ़ निवासी यज्ञ नारायण सोनी 12 जुलाई को अपने परिवार के साथ टिटलागढ़ पैसेंजर (गाड़ी संख्या 58214) से बिलासपुर से रायगढ़ जा रहे थे। सफर के दौरान उनके प्लास्टिक बॉक्स में रखे करीब 2.74 लाख रुपये के सोने के जेवर चोरी हो गए। रायगढ़ पहुंचने के बाद घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने बिलासपुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की जांच के दौरान आरपीएफ की सीआईबी और जीआरपी टीम ने वारदात के तरीके का विश्लेषण किया और अंतरराज्यीय पेपर गैंग पर शक जताया। इसके बाद बिलासपुर, जयरामनगर, अकलतरा, नैला और चांपा रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज सहित ट्रैफिक कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई।
संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 26 जुलाई को छत्तीस कुमार (42), सागर (23), पिंटू राज (38), उदय कुमार (35), शिंटू कुमार (29) और हिमांशु कुमार (20)** को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी बरियारपुर, मुंगेर (बिहार) के रहने वाले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का संचालन **रणजीत कुमार मंडल और दीपक कुमार मंडल करते हैं, जो चोरी के गहनों के साथ फरार हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पहले भी रेलवे यात्रियों से चोरी की कई घटनाओं में शामिल रह चुके हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी बिलासपुर के एक होटल में ठहरे हुए थे और क्षेत्र में दोबारा चोरी की वारदात करने की योजना बना रहे थे। यह गिरोह खासतौर पर ट्रेनों में परिवार के साथ सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था और भीड़ का फायदा उठाकर सामान से गहने व कीमती वस्तुएं चोरी कर अलग-अलग स्टेशनों पर उतरकर फरार हो जाता था।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पूछताछ में आरोपियों से रेलवे चोरी की अन्य घटनाओं का खुलासा होने की भी संभावना जताई जा रही है।
