नई दिल्ली। भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) अब गुणवत्ता और स्वाद के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला जब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ‘फ्लेवर्ड आइस्ड टी प्रीमिक्स’ की पहली एक्सपोर्ट खेप सीधे स्विट्जरलैंड के लिए रवाना की गई। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए देश के MSME सेक्टर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से मध्य प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मिली यह नई उपलब्धि नवाचार, मूल्य संवर्धन और निर्यात आधारित विकास को एक नई दिशा देगी।
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय चाय के वैश्विक सफर के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में भारत के चाय निर्यात में 93 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2013-14 में 4,509 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 8,719 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर भारतीय चाय की इस बढ़ती वैश्विक धमक की सराहना करते हुए उन्होंने चाय को एक भावना बताया।
पीयूष गोयल ने भावुक अंदाज़ में लिखा कि भारत में चाय महज एक पेय नहीं है, बल्कि यह हमारे रोजमर्रा के जीवन, संस्कृति, बातचीत और परंपराओं का एक अभिन्न हिस्सा है। दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर असम की घाटियों और नीलगिरि के बागानों तक, हर क्षेत्र चाय के कप में अपनी एक अलग खुशबू और अंदाज घोलता है। चाय बोर्ड के निरंतर प्रयासों और लगातार बेहतर होती क्वालिटी के दम पर आज भारतीय चाय की समृद्धि पूरी दुनिया के सामने है।
