नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी त्वरित संचालन क्षमता और रणनीतिक कौशल का लोहा मनवाया है। पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री डाकुओं द्वारा एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाने के बड़े कुप्रयास को नौसेना के जांबाज जवानों ने मुस्तैदी से विफल कर दिया। दरअसल, संदिग्ध समुद्री डाकू व्यापारिक जहाज ‘एमवी माशाअल्लाह 1’ को चारों तरफ से घेरने की फिराक में थे। जैसे ही नौसेना को इस संदिग्ध गतिविधि की भनक लगी, क्षेत्र में तैनात भारतीय युद्धपोत आईएनएस कोलकाता (INS Kolkata) तुरंत हरकत में आया और तेजी से मौके की ओर रवाना हो गया।
आईएनएस कोलकाता की आक्रामक और सतर्क मौजूदगी को देखकर समुद्री डाकुओं के हौसले पस्त हो गए और वे अपने मंसूबों में नाकाम रहे। नौसेना की इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण किसी भी प्रकार की क्षति या अपहरण जैसी अनहोनी नहीं हुई और मर्चेंट शिप को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया। हाल के वर्षों में पश्चिमी हिंद महासागर और अदन की खाड़ी में सोमाली डाकुओं और अन्य आपराधिक गतिविधियों में तेजी आई है, जिससे निपटने के लिए भारतीय नौसेना लगातार युद्धपोतों और समुद्री निगरानी विमानों के जरिए ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ (प्रथम प्रतिक्रिया बल) की भूमिका निभा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आज समुद्री चुनौतियां किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं, यही वजह है कि भारतीय नौसेना मित्र देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार साझा सैन्य अभ्यास और गश्त कर रही है।
