भारतीय शिल्प को मिलेगा ग्लोबल मंच, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ से बढ़ेगी रोजगार और विकास की रफ्तार

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि, भारत की पारंपरिक कला और शिल्प देश की आर्थिक मजबूती का बड़ा आधार बन सकते हैं। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लेख को साझा करते हुए बताया कि, भारतीय हस्तशिल्प को आधुनिक तकनीक, नवाचार और वैश्विक बाजार से जोड़कर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना देश के अलग-अलग क्षेत्रों की खास पहचान रखने वाले उत्पादों और कारीगरों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। इस पहल से स्थानीय शिल्पकारों को बाजार, रोजगार और अपने उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने के नए अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि, यह योजना केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलने से छोटे उद्यमियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय में भी वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि बेहतर गुणवत्ता, आधुनिक विपणन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के जरिए भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय से वैश्विक तक की यह यात्रा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करेगी।