नई दिल्ली। सनातन परंपरा में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि को देवी आराधना और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि, इस दौरान किए गए धार्मिक उपाय जीवन की कई परेशानियों को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। खासतौर पर जिन लोगों के विवाह में देरी या बार-बार रुकावटें आ रही हैं, वे इस अवधि में कुछ विशेष पूजा-पाठ कर सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, विवाह में देरी के पीछे कुंडली में शुक्र और बृहस्पति की कमजोर स्थिति को कारण माना जाता है। ऐसे में गुप्त नवरात्रि में मां भगवती के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है।
विवाह योग के लिए करें ये उपाय:
गुप्त नवरात्रि के दौरान शिव-पार्वती को हल्दी की गांठ अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा दुर्गा सप्तशती के अर्गला स्तोत्र का पाठ और “पत्नीं मनोरमां देहि” तथा “रूपं देहि जयं देहि” जैसे मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करने की परंपरा है।
नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर सुहाग सामग्री जैसे सिंदूर, चूड़ी, मेहंदी और लाल चुनरी का दान भी शुभ माना जाता है। वहीं नवमी के दिन शिव-पार्वती के समक्ष प्रतीकात्मक गठबंधन कर शीघ्र विवाह की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये उपाय सकारात्मक ऊर्जा और मनोबल बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।

