गायत्री चागंती ने जान्हवी कपूर के ग्लैमर और छवि पर खोला दिलचस्प बयानी

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मुंबई। फिल्मों जर्सी और अला वैकुंठपुरमुलु जैसी हिट फिल्मों से लोकप्रिय हुई अभिनेत्री गायत्री चागंती ने हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर के फिल्मी चित्रण और सोशल मीडिया पर उनके ग्लैमर के इस्तेमाल को लेकर अपने विचार साझा किए, जिससे सोशल मीडिया पर चर्चा तेज़ हो गई है। चागंती ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि जान्हवी कपूर का शरीर और ग्लैमरस छवि उनके करियर का अहम हिस्सा बन चुका है। उन्होंने लिखा, “अगर हम यहां वास्तविक हैं, तो कोई भी उन्हें उनके अभिनय कौशल के लिए काम पर नहीं रख रहा है। वास्तव में, वह अपनी वेशभूषा के माध्यम से हर चरित्र को कामुक बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। उनका शरीर उनकी पूरी छवि है।

गायत्री ने यह भी कहा कि जान्हवी कपूर को फिल्म उद्योग में एक “पीड़ित” के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि अक्सर उन्हें केवल उनके ग्लैमर के कारण ही कैस्ट किया जाता है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि ग्लैमर का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं है, जब वह कहानी या पात्र की जरूरत के अनुरूप हो। इस बयान ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी। कुछ फैंस ने चागंती के दृष्टिकोण का समर्थन किया और कहा कि बॉलीवुड में ग्लैमर और छवि का महत्व हमेशा से रहा है। वहीं, कई लोगों ने इस पर आलोचना भी की कि इससे फिल्मों में महिला कलाकारों की प्रतिभा और अभिनय को कम करके आंका जा रहा है।

चागंती ने यह स्पष्ट किया कि वह जान्हवी के व्यक्तिगत फैसलों का समर्थन नहीं कर रही हैं, बल्कि केवल यह रेखांकित कर रही हैं कि फिल्म उद्योग में ग्लैमर और शारीरिक छवि को लेकर कैसे दृष्टिकोण बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा, “मैं ग्लैमर दिखाने के पक्ष में हूं, जब वह पात्र और कहानी के अनुरूप हो। आगे बढ़ो, अपना काम करो।” जान्हवी कपूर के फिल्मी करियर में ग्लैमरस और फैशन-बद्ध भूमिका निभाने की प्रवृत्ति कई बार चर्चा में रही है। धड़क, गुंजन सक्सेना और मिलन टुंडा जैसी फिल्मों में उनके चरित्रों ने ग्लैमर के विभिन्न आयाम दिखाए हैं। गायत्री चागंती का बयान इस बात को फिर से सामने लाता है कि बॉलीवुड में महिला कलाकारों की छवि और ग्लैमर उनके करियर का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस बयानी ने जान्हवी के प्रशंसकों और आलोचकों के बीच बहस शुरू कर दी है। कुछ लोग मानते हैं कि गायत्री ने सचमुच फिल्म उद्योग में सच्चाई को उजागर किया है, जबकि अन्य इसे अनुचित और अनावश्यक आलोचना मान रहे हैं। इस बयान के बाद, फिल्म जगत में जान्हवी कपूर की छवि और ग्लैमर को लेकर नए सिरे से बहस होने लगी है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यह चर्चा बॉलीवुड में महिलाओं की फिल्मों में चित्रण और ग्लैमर के प्रति दृष्टिकोण पर ध्यान आकर्षित करती है।