आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व डीईओ सुभाष गंजीर को 4 साल की सश्रम कैद

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दंतेवाड़ा। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दंतेवाड़ा के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) सुभाष गंजीर को विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर उन पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस मामले में कानूनी कार्रवाई का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।

मामला वर्ष 2017 का है, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष गंजीर के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान उनकी घोषित आय की तुलना में अधिक संपत्ति से जुड़े साक्ष्य सामने आए थे। इसके बाद एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर मामले में न्यायालय के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) एवं 13(2) के तहत उन्हें दोषी माना।

इस मामले में सरकारी अधिवक्ता ममता शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में आए फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि सरकारी पद पर रहते हुए अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के मामलों में दोष सिद्ध होने पर कानून के तहत सजा का सामना करना पड़ सकता है।