बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सम्बलपुर (नाहन्दा) गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नाबालिग बेटी से बातचीत करने से मना करने पर नाराज युवक ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर एक पिता की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, सम्बलपुर निवासी गौकरण साहू अपने घर में सो रहे थे। देर रात भानुप्रताप जैन (18 वर्ष), निवासी खपराभाटा, अपने साथियों नीरज रस्तोगी (18 वर्ष), निवासी टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग, तुषार निर्मलकर (20 वर्ष), निवासी टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग, दिनेश ढीमर (25 वर्ष), निवासी टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग, कुंदन यादव (18 वर्ष), निवासी टंकी मडौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग और दीपेश पटेल (18 वर्ष), निवासी बहेराभाठा, थाना देवरी, जिला बालोद के साथ घर में घुस आया। आरोपियों ने बांस के डंडे और लकड़ी के राफ्टर से गौकरण साहू के सिर, पीठ और कमर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शोर सुनकर उनकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी जाग गई, जिसके बाद चार आरोपी घर के अंदर से और दो बाहर निगरानी कर रहे आरोपी मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल गौकरण साहू को तत्काल देवरी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जांच के दौरान मृतक की नाबालिग बेटी ने पुलिस को बताया कि उसकी भानुप्रताप जैन से कुछ समय से बातचीत होती थी, जिसका उसके पिता विरोध करते थे। इसी रंजिश में भानुप्रताप ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि गौकरण साहू की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।


