नई दिल्ली। भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को खत्म करने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच कुछ विवादित क्षेत्रों के समाधान के लिए जमीन की अदला-बदली जैसे विकल्पों पर चर्चा होने की खबर सामने आई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, भारत-म्यांमार सीमा के कुछ हिस्सों का सीमांकन अभी बाकी है और इस पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। करीब 1,643 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम से होकर गुजरती है।
रिपोर्टों के अनुसार, संभावित जमीन अदला-बदली का संबंध मणिपुर के चंदेल जिले से जुड़े इलाके से बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य सीमा निर्धारण की प्रक्रिया को आसान बनाना, सीमा प्रबंधन मजबूत करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर मणिपुर में विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। कुछ संगठनों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि, राज्य की जमीन से जुड़ा कोई भी फैसला स्थानीय लोगों की सहमति के बिना न लिया जाए। उनका कहना है कि, मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।
