दुर्ग में जल संकट बना जनविस्फोट: प्यास से बेहाल जनता, अरुण वोरा ने प्रशासन को लिया कटघरे में

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दुर्ग। शहर के कई वार्ड इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में हैं और हालात अब नियंत्रण से बाहर होते नजर आ रहे हैं। कई-कई दिनों से नलों में पानी नहीं आने से आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी के बीच पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए तरसती जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आ चुका है। लगातार शिकायतों और झूठे आश्वासनों से तंग आ चुके हरिनगर के वार्डवासियों ने दुर्ग के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा को अपने वार्ड में बुलाया। मौके पर पहुंचकर अरुण वोरा ने स्थिति का जायजा लिया और पाया कि बीते 10 दिनों से क्षेत्र में पानी की सप्लाई ठप है, जबकि शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस कारण लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

इसके बाद अरुण वोरा वार्डवासियों के साथ सीधे कलेक्टर और निगम कमिश्नर के कार्यालय पहुँचे, जहां उनके साथ वार्ड की छाया पार्षद निकिता सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने अधिकारियों से कड़ी चर्चा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि, जल संकट का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। वोरा ने दो टूक कहा कि “पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता पर लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” निगम प्रशासन ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन जनता अब आश्वासन नहीं, जमीन पर परिणाम चाहती है। वार्डवासियों ने यह भी स्पष्ट किया कि, पानी के साथ-साथ क्षेत्र में सड़क, नाली, सफाई और बिजली जैसी समस्याएं भी लंबे समय से अनसुलझी हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। लगातार बिगड़ते हालात से नाराज जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। दुर्ग में अब जल संकट सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि जनआक्रोश का बड़ा कारण बन चुका है।