धमतरी। नगर निगम धमतरी के महापौर जगदीश रामू रोहरा ने युवाओं से नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और आज का जागरूक, स्वस्थ एवं अनुशासित युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा।
महापौर बुधवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा एससीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धमतरी में आयोजित दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम एवं चित्र प्रदर्शनी के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियानएवं राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आयोजित किया गया था।
नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक जागरूकता जरूरी
महापौर रोहरा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर भी पड़ता है। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक जागरूकता और सहभागिता जरूरी है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे से बचाव के लिए जागरूकता, सकारात्मक संगति और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ाव सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान व कौशल के लिए करें
महापौर ने युवाओं में बढ़ते मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक आज शिक्षा और कौशल विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। इसका उपयोग समय की बर्बादी के बजाय ज्ञान अर्जन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, नई तकनीक सीखने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तलाशने और रचनात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से डिजिटल माध्यमों के उपयोग में आत्म-अनुशासन और समय प्रबंधन को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही नियमित व्यायाम, खेलकूद, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।
संतुलित पोषण से बनेगी स्वस्थ पीढ़ी
राष्ट्रीय पोषण माह के महत्व पर महापौर ने कहा कि शरीर और मस्तिष्क के समुचित विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार आवश्यक है। भोजन में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का संतुलित समावेश होना चाहिए। उन्होंने स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के साथ श्रीअन्न (मिलेट्स) को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पोषण के प्रति जागरूकता केवल बच्चों और महिलाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक परिवार और युवा तक पहुंचना जरूरी है।
ध्यान और सकारात्मक चिंतन से नकारात्मकता पर नियंत्रण
समापन अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र की गरिमा दीदी ने विद्यार्थियों को ध्यान, आत्म-अनुशासन और सकारात्मक चिंतन के माध्यम से मन को नियंत्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के विचार उसके व्यवहार और जीवन की दिशा तय करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक विचारों और स्वस्थ दिनचर्या को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे तनाव, नकारात्मकता और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या में ध्यान और आत्मचिंतन को शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों ने दिया जागरूकता का संदेश
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति और पोषण विषयों पर निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, भाषण एवं रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम, स्वस्थ जीवनशैली और पोषण के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विजेता प्रतिभागियों को समापन समारोह में महापौर रोहरा एवं अन्य अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
युवाओं को स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे से दूरी केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। विद्यार्थियों को ‘स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें की भावना के साथ नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
एनसीसी और एनएसएस विद्यार्थियों की रही विशेष सहभागिता
कार्यक्रम में पार्षद संतोष सोनकर, हेमंत बंजारे एवं नंदू लोधी, छत्तीसगढ़ राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित कुश्ती प्रशिक्षक लक्ष्मण लाल साहू, क्रीड़ा भारती जिला अध्यक्ष राम कुमार साहू तथा नगर निगम स्पोट्र्स अकादमी के प्रशिक्षक टिक्की निर्मलकर सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के एनसीसी एवं एनएसएस विद्यार्थियों की विशेष सहभागिता रही।
समापन अवसर पर कार्यक्रम में सहयोग एवं सहभागिता के लिए महापौर जगदीश रामू रोहरा, लक्ष्मण लाल साहू, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सुश्री आकांक्षा मरकाम तथा एनसीसी अधिकारी दिनेश्वर सलाम को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गयादो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के दौरान चित्र प्रदर्शनी एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणाम, पोषण के महत्व तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी से जुडऩे तथा स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
