नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से समझौता करने के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो संदेश जारी किया है। 26 दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद अनशन समाप्त करने को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि, उनके फैसले को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
वांगचुक ने पूछा, “क्या छात्रों के न्याय के लिए 26 दिन तक उपवास करने और 11 किलो वजन कम करने के बाद भी मुझे अपनी ईमानदारी साबित करनी होगी?” उन्होंने कहा कि, कुछ लोग बिना पूरी सच्चाई जाने आरोप लगा रहे हैं, जबकि पिछले कुछ हफ्तों में उनका परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजरा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी आरोप पर विश्वास करने से पहले उसके पीछे की मंशा और तथ्य जरूर परखें।
गौरतलब है कि, वांगचुक ने NEET-UG पेपर लीक समेत परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर लंबा अनशन किया था। सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों जूस पीकर अनशन समाप्त किया। इसी को लेकर विपक्ष और कुछ आलोचकों ने उन पर सवाल उठाए। वहीं, उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने भी कहा कि वांगचुक के त्याग और स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति को समझे बिना उन पर राजनीतिक आरोप लगाना उचित नहीं है।
