दुर्ग। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में ग्रामीणों और किसानों ने आवागमन, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर संयुक्त कलेक्टर राहुल कुमार रजक ने लोगों की शिकायतें और मांगें सुनीं। जनदर्शन में कुल 61 आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने संबंधित विभागों को आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्राम विनायकपुर के किसानों ने अंडा-निकुम मार्ग पर तांदुला नदी पुल के किनारे अलग सड़क बनाने की मांग की। किसानों का कहना है कि पुल की ऊंचाई अधिक होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली और कृषि उपज से भरे वाहन वर्तमान रास्ते से आसानी से नहीं गुजर पाते। वहीं, रास्ता संकरा होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसानों ने पुल के किनारे खाली पड़ी जगह से वैकल्पिक सड़क बनाने का सुझाव दिया है, ताकि आवागमन सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके। इस संबंध में उन्होंने लोक निर्माण विभाग में भी आवेदन दिया है। संयुक्त कलेक्टर ने एसडीएम दुर्ग को संबंधित निर्माण एजेंसी से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रेलवे लाइन से रास्ता बंद होने पर मुआवजे की मांग
ग्राम धौराभाठा के एक किसान ने खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा 5वीं एवं 6वीं रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद बची जमीन तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। किसान के अनुसार अधिग्रहण के कारण उनकी जमीन दो हिस्सों में बंट गई है। रेलवे लाइन और पास में स्थित नाले के कारण करीब दो एकड़ भूमि तक पहुंचने का सार्वजनिक रास्ता नहीं बचा है, जिससे वह कृषि उपयोग के लिए अनुपयोगी हो गई है।किसान ने नाले पर प्रस्तावित रेलवे ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाकर उसे ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के आवागमन के योग्य बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यदि ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाना संभव नहीं है, तो शेष दो एकड़ जमीन का भी रेलवे परियोजना के तहत अधिग्रहण कर उचित मुआवजा दिया जाए। इस मामले में संयुक्त कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका में सुधार और आर्थिक सहायता सहित विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। संयुक्त कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
