भिलाई (वैशाली नगर): छत्तीसगढ़ के भिलाई से एक भावुक और प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां एक बेटी ने अपने पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनका देहदान करवाया। स्वर्गीय सुबोध कुमार चक्रबर्ती ने तीन वर्ष पहले नवदृष्टि फाउंडेशन के माध्यम से देहदान का संकल्प लिया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही उनकी बेटी शिल्पी घोष चौधरी ने गुजरात से फोन कर फाउंडेशन के सदस्यों से संपर्क किया और पिता की इच्छा पूरी करने की पहल की। परिवार के अन्य सदस्यों—पत्नी कल्पिता चक्रवर्ती और भांजे रंजीत चक्रबोर्ती—की सहमति से देहदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न की गई। नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों ने वैशाली नगर स्थित घर पहुंचकर इस प्रक्रिया में सहयोग किया। इसके बाद शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की टीम ने डॉ. अंजलि वंजारी के मार्गदर्शन में देहदान की औपचारिकताएं पूरी कीं। मृतक की पत्नी कल्पिता चक्रवर्ती ने बताया कि उनके पति हमेशा समाज सेवा के प्रति समर्पित रहे और देहदान का निर्णय भी उन्होंने इसी भावना से लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं भी अपने पति के साथ देहदान का संकल्प लिया है। बेटी शिल्पी ने भावुक होकर कहा कि पिता के निधन से परिवार गहरे सदमे में है, लेकिन उनकी अंतिम इच्छा पूरी करके उन्हें गर्व और आत्मसंतोष की अनुभूति हो रही है। नवदृष्टि फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रभु दयाल उजाला ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कदम समाज में देहदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह घटना न केवल एक बेटी के अपने पिता के प्रति प्रेम और सम्मान को दर्शाती है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।
बेटी ने निभाई पिता की अंतिम इच्छा, गुजरात से फोन कर करवाया देहदान
