रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के हजारों संविदा कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। 3 नवंबर 2026 को राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति (EC) की बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों और हितों से जुड़े कई प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा के बाद सहमति बनी। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के लगातार प्रयासों के बाद इन मुद्दों पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। बैठक में एनएचएम कर्मचारियों को सवैतनिक चिकित्सकीय अवकाश देने, नई मानव संसाधन नीति 2026 लागू करने और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम 2013 को एनएचएम मानव संसाधन नीति में शामिल करने पर सहमति बनी। इसके अलावा वार्षिक कार्य आधारित मूल्यांकन के आधार पर सेवा वृद्धि पाने वाले कर्मचारियों को आरओपी के अनुसार वेतन वृद्धि का लाभ देने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया।
1 जुलाई 2023 से पहले नियुक्ति पाने वाले और 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि से वंचित कर्मचारियों को एरियर्स सहित इसका लाभ देने पर भी सहमति बनी है। साथ ही ईपीएफ सदस्य कर्मचारियों के खाते में भविष्य निधि की नियमित कटौती और 25 हजार रुपये से अधिक मासिक मानदेय पाने वाले ऐसे कर्मचारियों को ईपीएफ का सदस्य बनाने पर चर्चा हुई, जो अभी तक इस सुविधा से नहीं जुड़े हैं।
संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे, प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पुरन दास और डॉ. आलोक दुबे ने कहा कि लंबित मांगों पर बनी सहमति कर्मचारियों की एकजुटता और सरकार की सकारात्मक पहल का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सहमति के अनुरूप जल्द ही आदेश जारी होंगे। संघ ने कहा कि प्रदेश के हजारों एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं और इन निर्णयों से उनका मनोबल बढ़ेगा। संघ ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए सभी सहमत मांगों को शीघ्र लागू करने की अपेक्षा की है।

